साल 2020, जब दुनियाभर में कोरोना कहर बनकर टूटा। कोई नाजुक दौर से लड़कर बाहर निकला, तो कहीं अपनों का साथ भी छूटा। हर इंसान को एक बात समझ आई कि संक्रमण से बचाव ही फिलहाल असली वैक्सीन है। सालभर सिर्फ कोरोना और वैक्सीन चर्चा में रहे। इस बीच कई बड़ी उपलब्धियां भी सामने आईं। जानिए दुनिया के वे अचीवमेंट्स जिनकी खबर हमारे सामने से गुजरीं, लेकिन कोरोना ने उन्हें समझने का मौका ही नहीं दिया। 1. कोरोना फैला चीन से, लेकिन वैक्सीन सबसे पहले ब्रिटेन के लोगों तक पहुंची दुनियाभर में कोरोना चीन से फैला, लेकिन वैक्सीन सबसे पहले ब्रिटेन के लोगों तक पहुंची। वह…
सर्दियों में जो बीमारियां ज्यादा परेशान करती हैं, उनमें एक टाइफाइड भी है। टाइफाइड को सर्दियों में सबसे खतरनाक रिस्क फैक्टर के तौर पर देखा जाता है। इसे लेकर एक मिथ भी है। टाइफाइड को लोग बिगड़ा हुआ बुखार मानते हैं। उनका मानना है कि जब बुखार लंबे समय तक रहता है तो वह टाइफाइड में बदल जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है। टाइफाइड लंबे समय तक होने वाले बुखार की वजह से नहीं होता बल्कि, टाइफाइड होने से लंबे समय तक बुखार होने लगता है। लखनऊ के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में डॉक्टर शिखा वर्मा बताती हैं कि अगर आप इसका इलाज बुखार के तौर पर करते हैं, तो आप गलत हैं। …
क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में वैक्सीन लगवाकर आई नर्स की लाइव टीवी शो के दौरान ही मौत हो गई। दावे के साथ एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में महिला मीडिया को बताती दिख रही है कि उसकी ड्यूटी कोविड यूनिट में ही थी। महिला कहती है - मैं वैक्सीन लगवाने को लेकर बेहद उत्सुक थी। मीडिया से बात करते हुए ही महिला थोड़ी असहज होती दिखती है। और कुछ सेकंड बाद ही मूर्छित होकर जमीन पर गिर पड़ती है। वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे मैसेज में यूजर्स का दावा है कि जमीन पर गिरते ही महिला की मौत हो गई। Tiffany Dover…
डॉ. स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय कृषि आयोग की बहुचर्चित रिपोर्ट की शुरुआत में ही महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए कहा गया है कि ‘भूखों के लिए रोटी ही भगवान है’। इसीलिए रोटी देने वाले किसान को राजनीति, जाति और धर्म से परे, पूरा देश उन्हें अन्नदाता यानी देवता का दर्जा देता है। कृषि मंत्री तोमर के पत्र में सिलसिलेवार तरीके से बताया गया है कि नए कानूनों को लाने से पहले दो दशकों तक विचार-विमर्श हुआ है। लेकिन तीनों कानूनों को बनाने से पहले कृषि को संविधान के तहत समवर्ती सूची में लाना जरूरी था। इसके लिए स्वामीनाथन ने रिपोर्ट में तगड़ी सिफा…
गुजरात और बिहार की तुलना करना शायद आपको अजीब लगेगा, लेकिन हाल ही में जारी हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (NFHS-5) के परिणामों में यह दिलचस्प पहलू है। स्वास्थ्य और पोषण के मुद्दों पर नजर रखनेवालों KA इस सर्वेक्षण के परिणामों का बेसब्री से इंतजार रहता है। 1992 से NFHS स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े सूचक के लिए सबसे विश्वसनीय सूत्र रहा है। दिसंबर में NFHS-5 (2019-20) से दस प्रमुख राज्यों के परिणाम जारी हुए। कई मायनों में जो तस्वीर उभरकर सामने आती है, वह उत्साहजनक नहीं है। स्वास्थ्य व पोषण की हमारे जीवन में कितनी अहमियत है, यह 2020 में किसी को समझान…
एक अंग्रेज़ी फ़िल्म है। इसमें महारानी मन ही मन एक नवयुवक से प्यार करती हैं। महारानी ने एक दिन उस नवयुवक को एक महत्वपूर्ण काम सौंपकर समुद्री जहाज़ पर भेजा। जाते हुए जहाज़ को दूर दूरबीन से देखते हुए महारानी परेशान हो जाती हैं। देखती हैं कि उस नौजवान की प्रेमिका भी जहाज़ पर उसके साथ है। वे दोनों डैक पर खड़े हैं। उस समय महारानी को परेशान देखकर उनका एक शुभचिंतक कहता है - ‘मैडम, लुक ए बिट हायर’! ऊपर, उस नवयुवक और उसकी प्रेमिका के सिर पर आपके राज्य का झंडा लहरा रहा है...। कुल मिलाकर यह जो 2020 जा रहा है, कई मायनों में बुरा और बहुत बुरा था। कहा जा …
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून जिला जज प्रशांत जोशी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल एचएस बोनाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिला जज जोशी 21 व 22 दिसम्बर को मसूरी कोर्ट सरकारी वाहन से न जाकर केके सोनी नामक व्यक्ति की ऑडी कार से गए थे, जिस पर कुछ दिनों पहले ही राजपुर थाने में 420, 467 और 468 धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। हाईकोर्ट ने इस कार के नम्बर का उल्लेख भी अपने आदेश में किया है और इसे सरकारी सेवा मानकों का उल्लंघन माना गया है। आदेश में कहा गया है कि जिला जज के रूप में उनके पास वाहन उपलब्ध होने …
औरंगाबाद में एक महिला कमर दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास आई। उसकी जांच करते वक्त डॉक्टर हैरान रह गए। महिला के पूरे शरीर में पस (मवाद) जमा था। महिला को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। महिला में कोरोना की एंटीबॉडी मिली थी। इसलिए डॉक्टरों ने निष्कर्ष निकाला कि यह कोरोना से ठीक होने के बाद के नए लक्षण है। तीन बार सर्जरी कर महिला के शरीर से पस निकाला गया। अब वह स्वस्थ है। दुनिया में इस तरह के महज सात मामले सामने आए हैं। भारत में यह ऐसी पहली घटना है। औरंगाबाद के बजाज नगर में रहने वालीं अंजलि (बदला हुआ नाम) 28 नवंबर को डॉ॰ हेडगेवार अस्पताल में कमर…
1968 में आज ही के दिन अपोलो-8 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा। ये चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने वाला पहला मैन्ड मिशन था। ऐस्ट्रोनॉट फ्रैंक बोरमैन, जिम लॉवेल और विलियम एंडर्स ने चांद की कक्षा से लाइव ब्रॉडकास्ट किया। जिसमें उन्होंने अपने स्पेसक्राफ्ट के अंदर से चांद और पृथ्वी की तस्वीरें भेजीं। एस्ट्रोनॉट विलियम एंडर्स की खींची 'अर्थराइज' फोटो के कारण ये मिशन दुनियाभर में फेमस हुआ। 27 दिसंबर 1968 को ये मिशन पूरा हुआ। इसके बाद अपोलो सीरीज के ही मिशन में से एक अपोलो-11 में मनुष्य पहली बार चांद पर उतरा। जब 20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रॉन्ग, ब…
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