करुण रस


 

करुण रसो अभिनय: / करुण रस स्वांग(अभिनय)

सस्वनरुदतैर्मोहागमैश्च परिदेवितैर्विलपितैश्च ।
अभिनय: करुणरसो देहायसाभिघातैश्च ।।
(6 ,63 )

करुण रसम स्वगत रूण , मूर्छना, भाग्य तैं कुसण, अन्तरविलाप, , सरैल तैं पटकण , पिटण, भ्यूं पोड़न आदि से स्वांग (अभिनय ) करे जांद

Post a Comment

0 Comments