करुण रसो अभिनय: / करुण रस स्वांग(अभिनय)
सस्वनरुदतैर्मोहागमैश्च परिदेवितैर्विलपितैश्च ।
अभिनय: करुणरसो देहायसाभिघातैश्च ।।
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करुण रसम स्वगत रूण , मूर्छना, भाग्य तैं कुसण, अन्तरविलाप, , सरैल तैं पटकण , पिटण, भ्यूं पोड़न आदि से स्वांग (अभिनय ) करे जांद

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