बीभत्स रस अभिनय

 


बीभत्स रस अभिनय/बीभत्स रसौ पाठ खिलण
मुखनेत्रविकूणनया नासाप्रच्छादनावनमितास्यै :
अव्यक्तपादपतनैर्बीभत्स: सम्यगभिनेय: I I
(6 . 74 )
बीभत्स रसौ पाठ खिलणौ कुण मुक अर आंख तै संकुचित करण, नाक ढकण से , मुंड झुकाण से , अर उल्ट -सुल्ट हिटण से अभिनय हूंद।
उदाहरण -
मार्ग गुंवड़ को छौ। मार्ग पर जांद वैकि दृष्टि गू पर पोड़ अर वैक पुटुक तौळ अर उन्द ह्वे गे अर वु उखम इ उकै करण मिसे गे , कुछ सुंगर ऊना ऐन अर बड़ा रौंस से गोओ अर उल्टी चटण मिसे गेन। वैकि उल्टी बंद ह्वेइ छे कि तबि एक खाज वळ कुकुर ऊना आयी जैक सरैल पर लुतुक भैर अयुं छौ अर खून व पीप बगणु छौ। घीण क मारन वाई तै दुबर उल्टी आण मिसे गे।
(भीष्म कुकरेती क ' अजाण दुनिया म ' कथा से ( गढ़ ऐना म प्रकाशित

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