अथ भयानको नाम , भय मनोविज्ञान
विकृतरवसत्वदर्शनसंग्रामरण्यशून्यग्रहगमनात I
गुरुनृपयोरपराधात्कृतकश्च भयानको ज्ञेय: II (6.69)
वकृत ध्वनिऊँ सुणन से भयंकर पशु अथवा भूत पिचास जन वस्तु /जीव देखिक, संग्राम , जुद्ध, बौण, इखुली घौरम जाण से , गुरु या रज्जा का प्रति अपराध हूण जन कारणो से भयानक रस उत्पन्न हूंद I

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