अथ बीभत्सो नामो / बीभत्स मनोविज्ञान
अनभिमतदर्शनेन च गंधरसस्पर्शशब्ददौषऐश्च I
उद्वेगनैश्च बहुभिर्बीभत्सरस: समुद्भवति II
(6,49)
अप्रिय, घिणाण वळ पदार्थ देखिक, अप्रिय –गंध, रस , स्पर्श अर अप्रिय शब्द, भौत सा दोषवळ उद्वेगजनक अनुभवों से बीभत्स रस उत्पन्न हूंद II

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