अथ हास्य रसो



अथ हास्य रसो नाम / अब हास्य रस मनोविज्ञान


विपरीतालङ्कारैर्विकृताचाराभिधानवेषैश्च I
विकृतैरर्थविशेषैर्हसतीति रसः स्मृतो हास्य:II भा ना शा 6. 49 )
हास्य रस -
विपरीत वेश भूषा से अफु तैं सज्जित करण से, उल्ट -सीधा आचरण से , उल्टी -सीढ़ी भाषा बुलण से , अर अनर्गल /निरर्थक अर्थ वळ बोल बुलण से उत्पन्न हौंस क कारण ज्वा हौंस उत्पन्न हूंद ,वो हास्य रस हूंद।

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